लगातार तीस वर्षों से प्रकाशित शान्ति मोर्चा समाचार पत्र के इलेक्ट्रानिक मीडिया संस्करण का शुभारम्भ
चौदह वर्ष की उम्र में दलितों-किसानों के लिए संघर्ष कर नेती जी कहलाये मुलायम:-डा उदय प्रताप सिंह स्व0राम सेवक यादव, स्व0मित्रसेन यादव,स्व मुूलायम सिंह यादव ने अपने दौर में पीडीए की लड़ी थी लड़ाई, उन्ही के आदर्शो पर चलेगा शांति मोर्चा
लखनऊ, पिछले तीस वर्षों से लगातार प्रसारित होने वाले शान्ति मोर्चा समाचार पत्र के डिजिटल संस्करण व न्यूज चैनल एसएम न्यूज का शुभारम्भ अंतर्राष्ट्रीय कवि, साहित्यकार व पूर्व सांसद डा0 उदय प्रताप सिंह के कर कमलों द्वारा किया गया। यह भी सौभाग्य की बात रही कि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन ही डा उदय प्रताप जी ने अपनी जिन्दगी के 93 वसन्त पार कर 94वें वर्ष में प्रवेश किया। इसीलिए कार्यक्रम का माहौल उनके जन्मदिन के माहौल में परिवर्तित हो गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप व धीरेन्द्र वर्मा सहित तमाम प्रमुख लोगों ने उन्हे बुकें व साल भेटकर जन्मदिन की बधाई दी।
इस अवसर पर एसएम न्यूज के साथ बातचीत करते हुए मुख्य अतिथि उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जब सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव जब महज 14 वर्ष की उम्र के थे, तो उन्होंने एक जाटव परिवार के यहां खाना खा लिया था, इस बात को लेकर समाज के द्वारा उनके परिवार के बहिष्कार की धमकी दी जा रही थी,लेकिन छुआछूत के खिलाफ प्रतिबद्ध मुलायम सिंह यादव के परिवार ने इसको लेकर समझौता करने से इंकार कर दिया। इसी दौरान डा0 लोहिया ने नहर रेट को लेकर आंदोलन छेड़ रखा था,इस आंदोलन में किशोर मुलायम सिंह यादव गिरफ्तारी देने पंहुचे थे लेकिन ,कम उम्र के चलते प्रशासन ने उनको जेल भेजने से इंकार कर दिया। वे प्रशासन की बात मानने को इस शर्त पर तैयार हुए कि गिरफ्तारियों की सुची में उनका नाम होना चाहिए। उनकी इस जिद ने उन्हें नेता जी के रूप में लोकप्रिय बना दिया।
डा0उदय प्रताप ने बताया कि मुलायम सिंह यादव मैनपुरी के करहल स्थित जैन इंटर कालेज में उनके छात्र रहे थे जब 11वी कक्षा के छात्रों से पहले दिन सभी छात्रो परिचय लिया जा रहा था, तो उन्होने अपना नाम जैसे ही बताया तो सभी छात्र बोल पड़े कि हम लोग इन्हें नेता जी कह कर बुलाते है । वे 11वीं व 12वीं में में मेरे छात्र रहे। बाद में स्नातक और बीएड की परीक्षा पास करने के उपरान्त वे 1963 में उसी जैन इंटर कालेज में प्राध्यापक हो गए। जब मुलायम सिंह यादव ने परास्नातक की परीक्षा पास कर ली, तो उनका प्रमोशन हो गया और वे प्रवक्ता बन गए।
उन्होने बताया कि मुलायम सिंह यादव को जन नेता की असली पहचान बसेयर काण्ड से मिली। जब एक दलित महिला को नग्न करके उसके बेटे के साथ जेल बंदीगृह में बंद कर दिया गया था। इस मामले को उनके नेतृत्व में थाने का घेराव किया गया। जिसमें हुई पुलिस की गोलीबारी में 2 लोगों की मौत हो गई और कई लोगों के साथ मुलायम सिंह यादव भी घायल हो गये। बाद इस मामले में जांच हुए तो पूरे थाने को ही एक साथ बर्खास्त कर दिया गया । इस केस में मुलायम सिंह यादव को डेढ़ साल की सजा हुई। इस मामले में सजा पूरी होने के बाद भी उन्हें जेल में रहना पड़ा क्योकि तब तक इमरजेंसी लग गई। उस दौर की एलआईयु रिपोर्ट में उन्हें तत्कालीन विधायक नत्थू सिंह का ब्रेन बताया गया। जिसके बाद इमरजेंसी का समय उन्हें जेल में बिताना पड़ा। स्व0 मुलायम सिंह यादव के जुझारू चरित्र के बारे में डा उदय प्रताप सिंह बताते हैं कि 1980 में वीपी सिंह सरकार में हुई फर्जी मुठभेड़ के 6 मामलो को उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास भेजा था ,सभी मामले सही पाये गए। इसके लिए उन्हें मानवाधिकार को लेकर 28 मई 2012 को लंदन का प्रतिष्ठित जूरी अवार्ड दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने कहा कि मैं अपने को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैं नेता जी का विद्यार्थी रहा हूं। आज वोट बचाने की लड़ाई है। अखिलेश यादव जैसा नेता कोई नहीं है। भीम यादव जी जो काम कर रहें हैं वह कठिन काम कर रहे हैं वह कठिन काम है ,इसलिए सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि उनकी मदद करें। शांति मोर्चा के संस्थापक भीम यादव ने कहा कि शांति मोर्चा परिवार स्व0रामसेवक यादव, मित्रसेन यादव और मुलायम सिंह यादव के बताये संघर्ष के रास्ते पर चलता रहेगा। उन्हीं के आदर्श को अपना शोषित -पीड़ित और पीडीए समाज की आवाज उठाता रहेगा। क्रार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डा0एसएनएस यादव,डायरेक्टर मिम्स,उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता आई पी सिंह और पुर्व संयुक्त सूचना निदेशक राजेन्द्र यादव मौजूद रहे। आये हुए अतिथयों का शांतिमोर्चा परिवार की ओर अवध क्षेत्र में सहकारिता के पुरोधा माने जाने वाले युपी कोआपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन धीरेन्द्र वर्मा ने धन्यवाद व अभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सपा के पूर्व विधायक परशुराम यादव की पुत्री रोली यादव,उनके पति राम तिलक यादव पप्पू, बाराबंकी के पूर्व डीसीबी चेयरमैन सिद्धान्त पटेल, अयोध्या के सभासद ओपीपासवान,पूर्व संयुक्त सूचना निदेशक भूपेन्द यादव ,दिवाकर यादव पूर्व एडीओ, डा0रामफेर,डा0सुविद्या वत्स ,डा0 आर डी यादव, डा0 विजय कृष्ण,डा0आलोक कृष्ण ,ज्ञान सिंह पूर्व प्रधान, सुग्रीव यादव ,उमाशंकर यादव ,हृदयराम यादव, मुकेश यादव पूर्व प्रधान,वीपी यादव,एडवोकेट विमल यादव, विष्णु प्रताप यादव,संस्थापक लोहिया महाविद्यालय,पुरूषोत्म यादव,कुलदीप यादव,एस एन यादव, अंकुर यादव डा0 के0के0 यादव प्रधानाचार्य ,सनी यादव ,आकाश यादव, सुरेन्द्र यादव प्रधान,सुभाष चन्द्र वर्मा प्रधान,नन्द किशोर यादव एड0,विनोद कुमार वर्मा के0के0 यादच ,कपूर चन्द्र यादव,राम लखन यादव,डा0 भानु प्रताप यादव आदि उपस्थित रहे ,उन्होनंे अतिथियों का स्वागत किया।


