MBBS स्टूडेंट से गैंगरेप ..ममता राज में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

शुक्रवार को ओडिशा की रहने वाली दुर्गापुर के निजी कॉलेज की एक मेडिकल कॉलेज छात्रा के साथ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर बलात्कार किया

MBBS स्टूडेंट से गैंगरेप ..ममता राज में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में छात्रा से गैंगरेप ने राज्य में महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सीएम ममता बनर्जी के "रात में बाहर न निकलने" वाले बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है. भाजपा समेत विपक्ष ने ममता पर निशाना साधा है. यह घटना आरजी कर समेत कई पुराने रेप मामलों को भी फिर से चर्चा में लाई है, जिससे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा चिंताजनक बनी हुई है.

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्रा से गैंगरेप के केस पर बवाल मच गया है. राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल किए जा रहे हैं. वहीं, गैंगरेप पर टिप्पणी करते हुए सीएम ममता बनर्जी द्वारा रात को लड़कियों को बाहर नहीं निकले की टिप्पणी से सियासत गरमा गई है. विपक्षी पार्टी खास पर बीजेपी ममता बनर्जी के बयान को लेकर उनपर निशाना साध रही है.

हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब रेप और गैंगरेप के मुद्दे पर बंगाल सुर्खियों में रहा है. इससे पहले अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मेडिकल की छात्रा की गैंगरेप और मर्डर के मामले में राज्य में काफी बवाल मचा था. इस मामले में डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन लंबा चला था और अस्पताल में काम करने वाले एक शख्स को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा भी दी है.

इससे पहले कसबा स्थित लॉ कॉलेज परिसर में छात्रा के साथ रेप का मामला भी काफी तूल पकड़ा था और अब दुर्गापुर के निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा से रेप के मामले में फिर से राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल किए जा रहे हैं. इस तरह से 12 महीने में तीन रेप के बड़े केस हुए हैं.

जानें क्या घटी थी घटना

शुक्रवार को ओडिशा की रहने वाली दुर्गापुर के निजी कॉलेज की एक मेडिकल कॉलेज छात्रा के साथ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर बलात्कार किया. यह घटना तब हुई, जब द्वितीय वर्ष की छात्रा अपनी एक सहेली के साथ रात के खाने के लिए बाहर गई थी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रा शुक्रवार रात करीब 8-8.30 बजे अपनी सहेली के साथ कैंपस के बाहर गई थी. जब तीन अज्ञात लोग वहां पहुंचे तो उसकी सहेली उसे अकेला छोड़कर चली गई. उन लोगों ने उसका फोन छीन लिया और उसे कैंपस के बाहर जंगल में ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ बलात्कार किया.

उसे धमकी दी गई कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. आरोपियों ने डॉक्टर से उसका मोबाइल फोन वापस करने के लिए पैसे भी मांगे. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

भाजपा ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

इस गैंगरेप की घटना के बाद भाजपा नेतृत्व ने इस घटना का विरोध किया है. उनका दावा है कि आरजी कर मामले की कई जानकारियों को दबाने की कोशिश की गई थी. राज्य में महिलाओं को सुरक्षा नहीं है.

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, “यौन उत्पीड़न और बलात्कार की घटनाएं इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि दोषियों को ठीक से पकड़ा नहीं जाता और उन्हें तुरंत सजा नहीं दी जाती. हम पश्चिम बंगाल में किसी बलात्कारी या हत्यारे को सजा मिलते नहीं देखते. हमने किसी को फांसी पर लटकते नहीं देखा. हम कितना भी भागदौड़ करें, किसी अदृश्य हाथ की वजह से किसी अपराधी को इस तरह सजा नहीं मिल रही. न्याय मिलने में भी देर हो रही है.”

ओडिशा के CM और केंद्रीय मंत्री सुकांत ने ममता को घेरा

दूसरी ओर, ओडिशा के सीएम मोहन माझी ने जघन्य अपराध की निंदा की ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने इस घटना की कड़ी निंदा की और वरिष्ठ अधिकारियों को पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता और समर्थन देने का भी वादा किया.