काशी में देव दीपावली पर जगमगाए 25 लाख दीये

मुख्यमंत्री योगी ने नमो घाट पर पहला दीप जलाया

काशी में देव दीपावली पर जगमगाए 25 लाख दीये

काशी।काशी में आज कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने नमो घाट पर पहला दीप जलाया। 84 घाटों पर 25 लाख दीये जलाए जा रहे हैं। 15 लाख दीयों का इंतजाम पर्यटन विभाग ने और 10 लाख का समितियों व काशीवासियों ने किया है। 2024 में 20 लाख दीये जलाए गए थे। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली देव दीपावली इस बार ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर है। वहीं, दशाश्वमेध घाट पर महाआरती की गई। इसमें एक लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। थोड़ी देर में लेजर शो और आतिशबाजी की जाएगी। सीएम क्रूज पर बैठकर इस भव्य आयोजन का आनंद लेंगे। देव दीपावली मनाने 40 से ज्यादा देशों के लोग वाराणसी पहुंचे हैं। जयपुर और कोलकाता के 70 श्रद्धालु एक जैसी ड्रेस पहनकर पहुंचे। देवों की दीपावली की कहानी त्रिपुरासुर के संहार से जुड़ी है। तब शिव को त्रिपुरारी नाम मिलते ही देवता धरती पर उतर आए थे।देव दीपावली काशी ही नहीं, प्रयागराज और मथुरा में भी मनाई जा रही है। प्रयागराज में 5 लाख और मथुरा 2 लाख दीये जलाए गए। इससे पहले अयोध्या में 19 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई थी।

जिसमें राम की पैड़ी पर 29 लाख से ज्यादा दीये जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था। दशाश्वमेध घाट की महाआरती में 21 अर्चक और 42 देव कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि के रूप में आरती की। 21 कुंटल फूलों और 51 हजार दीपों से सजे घाट पर जब शंखनाद और घंटा की ध्वनि गूंजी, तो वातावरण में अद्भुत ऊर्जा का संचार हो गया। दशाश्वमेध घाट पर अमर ज्योति की रेप्लिका बनाई गई है। सेना के तीनों विंग के अफसरों ने पुष्प चक्र चढ़ाकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। काशी का अस्सी आरती घाट दीपों से जगमगा रहा है। यहां की आरती भारतीय महिला क्रिकेट टीम और सैनिकों को समर्पित है। काशी के पंच गंगा का हजारा दीप में तेल भरने का काम शुरू कर दिया गया है। यह वहीं घाट है, जहां पर दीप जलाकर दीपोत्सव की शुरुआत शुरू की गई थी। यहां पर पांच दोस्तों ने सबसे पहले दीप जलाया था और आज के समय में दीप उत्सव एक बड़ा आयोजन का रूप ले चुका है। देव दीपावली देखने आई महिला श्रद्धालु साक्षी ने कहा - काशी की देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाती है। इस दिन का हम लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। सुंदर घाट और दीपों की जगमगाहट के बीच में काशी का अलग ही स्वरूप देखने को मिलता है। देवताओं के पर्व ‘देव दीपावली’ पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिये एनडीआरएफ की टीमें वाराणसी के प्रमुख घाटों पर तैनात की गई हैं। काशी में एनडीआरएफ की कुल 9 टीमें जिला प्रशासन के समन्वय से सभी संवेदनशील घाटों पर लगी हैस राजघाट, दशाश्वमेध घाट, सिंधिया घाट, राजेन्द्र प्रसाद घाट, केदार घाट, अस्सी घाट, नमो घाट, गाय घाट, दरभंगा घाट, रविदास घाट तथा समीपवर्ती अन्य घाटों पर मॉडर्न जीवन रक्षक उपकरणों के साथ तैनात हैं।